मृत व्यक्ति के बनाए फेक डॉक्यूमेंट्स, करोड़ों की जमीन पर ‘खेल’ कर लिया स्टे, पुलिस के हत्थे चढ़ी मुख्य सरगना
देहरादून में मृत बुजुर्ग के फर्जी डॉक्यूमेंट्स बनाकर बेशकीमती जमीन हड़पने की मुख्य आरोपी महिला को पुलिस ने सहारनपुर से गिरफ्तार किया.![]()
देहरादून: करोड़ों की भूमि को हड़पने का षड्यंत्र रचने वाली मुख्य महिला आरोपी को देहरादून पुलिस ने सहारनपुर से गिरफ्तार किया. महिला आरोपी ने एक शख्स की करोड़ों की भूमि को हड़पने की नीयत से फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन पर स्टे ले लिया था. साथ ही 10 साल पहले निधन हो चुके पीड़ित के बुजुर्ग के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूमि का फर्जी अधिकार पत्र बनाया था.
मामले के मुताबिक, राहुल देव निवासी टर्नर रोड ने कोतवाली पटेल नगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके ममेरे दादा केवल कृष्ण ने अपनी संपत्ति वसीयत के जरिए साल 2009 में उनके नाम कर दी थी. साल 2016 में दादा का देहांत हो गया. साल 2024 में वसीयत के आधार पर संपत्ति को अपने नाम पर अंकित कराया गया था.
साल 2026 में भूमि की फर्द निकालने पर उन्हें जानकारी मिली कि बबीता देवी नाम की महिला ने उनके मृत दादा केवल कृष्ण के नाम से साल 2025 की एक फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी (मुख्तारनामा) के आधार पर उनके मृत दादा के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर संपत्ति पर स्टे के लिए आपत्ति पत्र प्रस्तुत किया गया था. फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी में राजकमल और इनाम कुरैशी गवाह के रूप में शामिल हैं. पीड़ित की तहरीर के आधार पर 17 अप्रैल 2026 को बबीता देवी और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था.
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली पटेल नगर में पुलिस टीम का गठन किया गया. पुलिस टीम ने रजिस्ट्री कार्यालय देहरादून, राजस्व विभाग और अलग-अलग बैंकों से जांच से संबंधित दस्तावेज चेक किए, जिसके बाद मुकदमे में नामजद मुख्य महिला आरोपी बबीता निवासी जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) को मुखबिर की सूचना पर गंगोह रोड तिराहा बारीखेड़ी रोड, सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया. साथ ही प्रकरण में नामजद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.
कोतवाली पटेल नगर प्रभारी विनोद गुसाईं ने बताया कि, गिरफ्तार महिला आरोपी ने पीड़ित की करोड़ों की जमीन को हड़पने की नीयत से अपने अन्य साथियों के साथ षड्यंत्र रचा. फर्जी दस्तावेज तैयार करते हुए पीड़ित के ममेरे दादा का फर्जी आधार कार्ड बनाकर उसका उपयोग करते हुए अपने नाम पर एक फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार कर धोखाधड़ी से भूमि पर स्टे लिया था.