राम मंदिर दान गबन विवाद: CM योगी से दूर रहेंगे ट्रस्ट के विवादित पदाधिकारी, क्या छिनेगी कमान?, जानिए

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राम मंदिर में एसआईटी की जांच चौथे दिन भी जारी, बयानों की वीडियोग्रॉफी कराई गई, सीएम आज अयोध्या दौरे पर आ रहे.

अयोध्या/लखनऊ/बरेली: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या दौरे पर आ रहे हैं. इससे पूर्व कल एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े दो बड़े पदाधिकारियों से लंबी पूछताछ की. करीब तीन घंटे तक चली इस पूछताछ में उनके बयानों की वीडियोग्रॉफी भी कराई गई. राम मंदिर में प्राप्त दान राशि और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में यह पूछताछ महत्वपूर्ण मानी जा रही है. वहीं, राम मंदिर के इस प्रकरण को लेकर आप सांसद संजय सिंह ने अयोध्या पुलिस को एक तहरीर भेजी है. वहीं, बरेली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल ने पूरे मामले में एसआईटी जांच पूरी होने की बात कही है.

टीम ने सुबह से ही शुरू की पूछताछ: गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे एसआईटी की टीम राम मंदिर परिसर पहुंची. सबसे पहले टीम ने बड़े पदाधिकारी के बयान रिकार्ड किए. इसके बाद एक बार फिर ट्रस्ट द्वारा अब तक किए आय व व्यय के दस्तावेजों को खंगाला. ऑडिट रिपोर्ट पर भी पुन: मंथन किया गया. सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने अब तक की गई पूरी जांच की फाइल तैयार कर ली है. इस फाइल में दानदाताओं से प्राप्त राशि के लेखा-जोखा, उसके उपयोग, बैंक लेन-देन और संदिग्ध व्यय के दस्तावेज के साथ गबन हुई राशि व आरोपियों के नाम शामिल हैं.

क्या बदला जाएगा ट्रस्ट: सूत्रों के अनुसार एसआईटी जांच में कुछ बड़ी अनियमितता मिली है. इससे ट्रस्ट में बदलाव होने की भी संभावना जताई जा रही है. चर्चा है कि जब तक यह बदलाव नहीं होगा तब तक किसी आईएएस अधिकारी को मंदिर का विशेष कार्यपालक अधिकारी भी बनाने की खबरें सामने आ रही है. बता दें कि मंदिर पर आए फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने के निर्देश दिए थे. इस पर पीएमओ कार्यालय द्वारा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया गया था. बताया जा रहा है कि पीएमओ कार्यालय द्वारा एसआईटी जांच व मिले सबूतों पर निगाह जमी हुई है. माना जा रहा है कि घपला सामने आने व उसमें ट्रस्ट के पदाधिकारियों की संलिप्पता मिलने पर पीएमओ कार्यालय द्वारा ट्रस्ट में फेरबदल किया जा सकता है. फिलहाल इससे संबंधित फैसला एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट पर निर्भर करेगा.

सीएम योगी से दूर रहेंगे ट्रस्ट के एक बड़े पदाधिकारी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या आ रहे हैं. मुख्यमंत्री के अन्य कार्यक्रमों के साथ राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन भी प्रस्तावित है. राम मंदिर के चढ़ावे के विवादों में घिरे ट्रस्ट के एक बड़े पदाधिकारी को सीएम से दूर रखाग या है. पदाधिकारी से अपनी जगह अपने प्रतिनिधि को भेजने के लिए कहा गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर लगभग तीन बजे हनुमान गढ़ी मंदिर में दर्शन पूजन के बाद राम मंदिर में दर्शन करने पहुंचेंगे. इस दौरान एसआईटी के अधिकारियों से सूक्ष्म जानकारी भी ले सकते है. इस दौरान इस मामले से जुड़े किसी भी व्यक्ति को परिसर में रहने की अनुमति नहीं दी गई है.

ट्रस्ट को तुरंत भंग कर गिरफ्तारी की मांग
वहीं, लखनऊ में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता, राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लखनऊ में पत्रकार वार्ता की. अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में हुए कथित चंदा चोरी और भ्रष्टाचार को लेकर भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. संजय सिंह ने एलान किया कि उन्होंने अयोध्या के राम जन्मभूमि थाना अध्यक्ष को राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी और अन्य अभियुक्तों के खिलाफ नामजद तहरीर भेजकर तत्काल FIR दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की है. संजय सिंह ने कहा कि चंदा चोरी के इस महाघोटाले से पूरा देश हैरान है. खुलासे के बाद खुलासे हो रहे हैं और भ्रष्टाचार की पोल खुलती जा रही है. प्रभु श्री राम के नाम पर आए चढ़ावे और चंदे में जो डकैती हो रही है, उसे भाजपा सरकार और उनकी जांच एजेंसियों का पूरा संरक्षण प्राप्त है.

संजय सिंह ने कहा कि देश में एक ‘ED पार्टी’ काम कर रही है, जो विपक्ष के हर छोटे-बड़े मामले में ED और CBI भेज देती है, लेकिन भगवान राम के दान पात्र से सैकड़ों करोड़ की चोरी पर उसकी जुबान बंद है. उन्होंने कहा कि मामले में तथ्य, प्रमाण, CCTV फुटेज, हिरासत में लिए गए लोगों के बयान और चोरी के माल की बरामदगी के बाद भी अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.’भ्रष्ट ट्रस्ट’ को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि अब छठे चरण की पदयात्रा ‘अगस्त क्रांति’ के महीने में आयोजित की जाएगी. ​यात्रा की अवधि 16 अगस्त से 23 अगस्त तक होगी.​आजमगढ़ से शाहगंज होते हुए जौनपुर तक लगभग 110 किलोमीटर की यात्रा होगी.

राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT रिपोर्ट का इंतजार

बरेली में राम मंदिर चढ़ावा और कथित चोरी प्रकरण में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा. उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. यह बात उन्होंने गुरुवार को बरेली के सर्किट हाउस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही. वार्ता के दौरान राधा मोहन दास अग्रवाल ने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, कोरोना महामारी और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखा है और वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति सुदृढ़ की है. वार्ता में प्रदेश सरकार के वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, विधायक संजीव अग्रवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष सोमपाल शर्मा, आंवला जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, पूरण लाल लोधी, मीडिया प्रभारी अंकित माहेश्वरी आदि मौजूद रहे.