चकराता के ग्रामीणों के लिए 24 घंटे खुला रहेगा मोइला टॉप का रास्ता, डीएफओ ने मानीं स्थानीय लोगों की सारी मांगें
मोइला टॉप, उदावा गांव जाने के लिए लोखंडी में स्थापित गेट 24 घंटे खुला रहेगा, पर्यटकों के लिए शाम 4 बजे बाद प्रवेश बंद रहेगा![]()
विकासनगर: वन विभाग की ओर से चकराता के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मोइला टॉप और गांवों को जाने वाले मार्ग पर लोहे का गेट लगाकर और नोटिस चिपका कर दो महीने के लिए बंद कर दिया गया था. इसका स्थानीय लोगों और होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों से विरोध किया. सोमवार को स्थानीय लोग और होटल व्यवसाय से जुडे लोगों सहित समाजसेवियों ने डीएफओ चकराता कार्यालय में समस्या से अवगत कराया. शीघ्र मार्ग पर लगे गेट को खोलने की मांग की. डीएफओ ने समस्याओं को देखते हुए लोखंडी बुधेर मार्ग पर लगा गेट खोलने की सहमति दी.
जौनसार के लोगों की मांग डीएफओ ने मानी: देहरादून जिले के जौनसार बावर चकराता में सालभर अब पर्यटकों का आना लगा रहता है. चकराता का प्रसिद्ध पर्यटक स्थल मोइला टॉप (बुग्याल) पर्यटकों को अपनी नैसर्गिक सुंदरता, मखमली घास और घने देवदार के वृक्षों से सजे मोइला टॉप से लुभाता है. चकराता से करीब 30 किलोमीटर दूर लोखंडी से बुधेर मार्ग पर तीन किलोमीटर वाहन से और दो किलोमीटर पैदल ट्रेक से पहुंचा जा सकता है.
खराब मौसम के कारण बंद किया था मार्ग: चकराता घूमने आने वाले पर्यटक इन मनमोहक नजारों का लुत्फ उठाने के लिए मोइला टॉप पहुंचते हैं. लेकिन कुछ दिनों से वन विभाग चकराता द्वारा लोखंडी के पास लोहे का एक गेट लगाकर आवागमन बंद कर दिया गया था. गेट पर एक नोटिस चिपका दिया. नोटिस में साफ शब्दों में लिखा गया है कि मानसून के दौरान लगातार वर्षा, फिसलन, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक जोखिमों को देखते हुए पर्यटकों की सुरक्षा एवं जनहित में कनासर रेंज के अर्तंगत मोइला टॉप, बुधेर अनुभाग एवं देव वन क्षेत्र में वन मोटर मार्ग देव वन अनुभाग पर पर्यटकों के आवागमन के लिए 15 जुलाई से 15 सितंबर तक पूर्णतः बंद रहेगा.
ग्रामीणों ने मुलाकात कर डीएफओ को बताई समस्या: इस पर स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध किया. ग्रामीणों का कहना है कि ये मार्ग गांव में आने जाने वाले ग्रामीणों को और चारा पत्ती लाने सहित पशुपालकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. सोमवार को लोखंडी, लोहारी, उदांवा निवासी सैकड़ों ग्रामीण डीएफओ कार्यालय पंहुचे. बैठक कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया. इस पर डीएफओ चकराता ने समस्याएं सुनी और सभी बिन्दुओं पर सहमति बनी.
ग्रामीणों की आवाजाही पर रोक नहीं: लोखंडी, लोहारी के होटल व्यवसाय से जुड़े रोहन राणा ने कहा कि डीएफओ से ग्रामीण की बातचीत हुई. डीएफओं ने हमारी मांगों पर सहमति जताई है. अब 24 घंटे गेट खुला रहेगा. समाजसेवी बॉबी पंवार ने कहा कि यह जनजति क्षेत्र है. यहां की करीब 50-60 प्रतिशत आजीविका जंगलों से जुड़ी हुई है. उदांवा गांव का मुख्य रास्ता है. वहां पर गेट लगाकर प्रतिबंध किया जाना वन विभाग का ऐसा कदम था, जिस पर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय ग्राम वासियों ने इसका विरोध किया.
ग्रामीणों और व्यवसायियों ने रखी ये मांग: डीएफओ चकराता के साथ बैठक हुई और सब बातों पर सहमति बनी है. वहां पर फॉरेस्ट के कुछ कर्मचारी तैनात रहेंगे. इसके अलावा पैदल ट्रेकिंग 15 अगस्त तक पैदल चलेगी. अब पांच किलोमीटर पैदल चलना होगा. मार्ग टूरिस्ट के लिए पूरी तरीके से खोल दिया गया है. 15 अगस्त के बाद संभावना रहेगी कि वाहन आगे तक जाएंगे तो पैदल ट्रेक दो किलोमीटर रहेगा. वन विभाग से यह भी वार्ता हुई की लोखंडी में एक शौचालय निर्माण करवाएंगे, जिसका रखरखाव स्थानीय होटल व्यवसायी करेंगे. एक मल्टी लेवल पार्किंग की भी सुविधा होगी.
चकराता का टूरिज्म बढ़ाने पर जोर: डीएफओ चकराता वैभव कुमार सिंह ने कहा कि-
सभी संबंधित हितधारकों के साथ वार्ता हुई है. वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया है कि वन विभाग द्वारा, जो ऑरेंज अलर्ट आ रहा था उसको ध्यान में रखते हुए लोखंडी से बुधेर का जो वन मार्ग है, उसको पर्यटन हेतु बंद किया गया था. ग्रामीणों ने कहा कि मार्ग बंद होने से उन्हें समस्या हो रही है. मार्ग से आने-जाने के लिए ग्रामीणों के लिए कोई रोक नहीं है. वन मोटर उपयोग पर अस्थाई रोक लगाई गई है.ये केवल मौसम और पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर है.
-वैभव कुमार सिंह, डीएफओ-
इसके साथ ही ग्रामीणों और स्थानीय हितधारकों द्वारा टूरिज्म को बेहतर कैसे बनाया जा सकता है, उसके संबंध में अपने सुझाव दिए गए. इसके संबंध में काफी सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं. मैं आशा करता हूं कि वन विभाग और स्थानीय लोगों के सहयोग पर्यटन बढ़ेगा.