Alert issued for very heavy rainfall in Uttarakhand; Char Dham Yatra suspended for two days; risk of flash floods.
डीएम ने निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं, स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
रुद्रप्रयाग: चारधाम यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल रुद्रप्रयाग की करीब 900 मीटर लंबी टनल उद्घाटन से पहले ही मुश्किल में आ गई है. टनल के बाहरी हिस्से के ऊपर स्थित पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर टूट गया. इससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. घटना ने करोड़ों रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
उद्घाटन से पहले ही ड्रीम टनल के ऊपर लैंडस्लाइड: यह टनल भविष्य में बदरीनाथ हाईवे और केदारनाथ हाईवे को सीधे जोड़ने वाली है. इसके बनने से रुद्रप्रयाग शहर में वर्षों से लगने वाले भीषण जाम से राहत मिलने की उम्मीद है. लेकिन उद्घाटन से पहले ही हुए इस हादसे ने परियोजना को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
लैंडस्लाइड से आवासीय परिसर को नुकसान: पहाड़ी दरकने से टनल के बाहर निर्माणाधीन आवासीय परिसर को भी भारी नुकसान पहुंचा है. कई स्थानों पर मलबा गिरने से निर्माणाधीन संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं. घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और निर्माण एजेंसियों के साथ प्रशासनिक अधिकारी स्थिति का जायजा लेने पहुंच गए.
स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर उठाए सवाल: स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगातार बारिश के साथ-साथ निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई. स्थानीय निवासी भूपेंद्र जगवान ने कहा कि यदि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता और वैज्ञानिक मानकों के अनुसार किया गया होता, तो उद्घाटन से पहले इस तरह पहाड़ी नहीं दरकती.
डीएम बोले नुकसान का आकलन हो रहा: वहीं, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि-
घटना के बाद तत्काल मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है. निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है.-विशाल मिश्रा, जिलाधिकारी-
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उद्घाटन से पहले पहाड़ी का दरकना निर्माण गुणवत्ता में बड़ी चूक का संकेत है, या फिर लगातार हो रही भारी बारिश इसकी मुख्य वजह है. इस घटना ने चारधाम यात्रा की इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर नई बहस छेड़ दी है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.