23ee8088-ada7-497b-aef8-acc5a9b3fc94

अप्रैल महीने के अंत में मौसम ने करवट बदली है. गुरुवार को प्रदेश भर में बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी तक भी देखने को मिली है.

देहरादून: अप्रैल महीने के अंतिम दिनों में मौसम ने अचानक करवट लेकर उत्तराखंड में राहत की ठंडी बयार ला दी है. जहां कुछ ही दिन पहले तक राज्य के मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा था और गर्मी अपने चरम की ओर बढ़ती दिखाई दे रही थी, वहीं अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश, ओलावृष्टि और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी तक देखने को मिली.

इस बदलाव का असर इतना व्यापक रहा कि कई जगहों पर तापमान में करीब 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई. मौसम में आए इस बदलाव के पीछे एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) को जिम्मेदार माना जा रहा है, जिसने पूरे प्रदेश के मौसम पैटर्न को प्रभावित किया है. देहरादून समेत अन्य जिलों में दिनभर बादल छाए रहे, तेज हवाएं चलीं और रुक-रुक कर बारिश होती रही. पहाड़ी जिलों में तो हालात और भी ज्यादा बदले हुए नजर आए, जहां ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी ने ठंड का अहसास फिर से लौटा दिया.

मौसम विभाग के अनुसार यह राहत भरा मौसम सिर्फ एक-दो दिन का नहीं बल्कि मई महीने के पहले हफ्ते तक बना रह सकता है. विभाग के निदेशक का कहना है कि आने वाले तीन से चार दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में इसी तरह का सुहावना मौसम बना रहेगा. इस दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है. खासकर 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी जारी रहने की संभावना जताई गई है.

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियों के चलते प्रदेश का तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है. जहां अप्रैल में गर्मी अपने रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ रही थी और 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही थी, वहीं अब फिलहाल तापमान में बढ़ोतरी की संभावना कम नजर आ रही है. यह बदलाव खासकर किसानों और आम लोगों के लिए राहत भरा साबित हो रहा है.

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए भी प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है. इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है. यही कारण है कि विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. बिजली चमकने और तेज हवाओं के चलते खुले स्थानों में रहने से बचने की भी अपील की गई है.

आने वाले 48 घंटों तक प्रदेश में मौसम का यही मिजाज बने रहने की संभावना है. हालांकि इसके बाद थोड़ी राहत जरूर मिल सकती है और बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है. लेकिन यह राहत ज्यादा लंबे समय तक नहीं टिकेगी. मौसम विभाग के अनुसार 3 मई से एक बार फिर प्रदेश में मौसम सक्रिय हो जाएगा और कई जिलों में बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू हो सकता है.

चार और पांच मई को भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है. विशेष रूप से उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी जिलों में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है. इन इलाकों में बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रह सकता है. मौसम में इस तरह के बदलाव का असर दैनिक जीवन पर भी पड़ रहा है. जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर अचानक बदले मौसम के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं.

बता दें कि मौसम विभाग के मुताबिक आज उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में बारिश हो सकती है, जबकि 4200 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी हो सकती है. उत्तराखंड के मैदानी जनपदों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है. पर्वतीय जनपदों मे कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजल चमकने, झोंकेदार हवाएं (30-40 किमी) चलने का अंदेशा है. जिसके लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है.