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देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की दस्तक से पहले राजधानी देहरादून में अधूरी सड़क और सीवर लाइन परियोजनाएं प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। शहर के कई प्रमुख इलाकों में सड़क निर्माण और सीवर लाइन बिछाने का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है, जिससे स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मानसून शुरू होने के बाद इन अधूरे कार्यों के कारण जलभराव, यातायात बाधित होने और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

राजपुर रोड, सहस्रधारा रोड, प्रेमनगर, क्लेमेंटटाउन और पटेलनगर सहित कई क्षेत्रों में सड़कें खुदी हुई हैं। कई स्थानों पर निर्माण सामग्री और मशीनें सड़क किनारे पड़ी हुई हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्माण कार्यों की धीमी गति के कारण रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है क्योंकि ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून शुरू होने से पहले इन परियोजनाओं को पूरा नहीं किया गया तो बारिश के दौरान हालात और गंभीर हो सकते हैं। खुदी हुई सड़कों में पानी भरने से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा सीवर लाइन का कार्य अधूरा रहने से जल निकासी व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है, जिससे शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।

नगर निगम और लोक निर्माण विभाग का कहना है कि परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार कुछ कार्य तकनीकी कारणों और सामग्री की आपूर्ति में देरी के चलते प्रभावित हुए हैं। विभाग ने ठेकेदारों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून शुरू होने से पहले सभी प्रमुख सड़कों को यातायात के लिए पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो बारिश के मौसम में शहरवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।